Pages
मुखपृष्ठ
घुमक्कड़ आगन्तुक राम :: व्यक्तित्व
कुछ कथन...इक नज़र में
प्रकाशित पुस्तकें
मुझसे यहाँ जुडें
मुझसे अपनी बात कहें
गुरुवार, 31 मार्च 2011
कितने अज़ीब हो तुम ...अज़ीज़ !!!
क्या शीरत है तेरी अज़ीब !!!
जब जब नजारों में तूने कोई तस्वीर पायी...
बस कैद कर ली वो सूरत
और कहा... तू ही है मेरा अज़ीज़ !!!
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
Web Toolbar by Wibiya
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें